किशनगंज/बरेली: ठाकुरगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की उत्तर प्रदेश के बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनका शव रेलवे ट्रैक के किनारे मिलने के बाद परिजनों में शोक के साथ आक्रोश भी फैल गया है।

जानकारी के अनुसार, मौलाना तौसीफ रजा (30) 27 अप्रैल को बरेली में रेलवे ट्रैक के पास मृत पाए गए थे। पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि वे एक मदरसे में कार्यरत थे और बरेली शरीफ में आयोजित उर्स में शामिल होने गए थे। लौटने के दौरान ही यह संदिग्ध घटना हुई। परिवार ने आशंका जताई है कि उन्हें ट्रेन से धक्का देकर हत्या की गई है।
इस मामले में एआईएमआईएम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि घटना से एक दिन पहले मौलाना ने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत में किसी व्यक्ति द्वारा मारपीट और भय की स्थिति का जिक्र किया था, जिससे संदेह और गहरा गया है।

घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों और नेताओं द्वारा मामले की गहन जांच की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
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