किशनगंज (बिहार): जिले के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत छत्तरगाछ ओपी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और प्रवर्तन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बालू से लदे ओवरलोडेड ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई अधूरी छोड़ दी गई, जिससे राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा हो सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो ओवरलोडेड ट्रैक्टरों को जब्त कर थाना डायरी में दर्ज किया गया था। इन मामलों को डायरी संख्या 313/2026 और 314/2026 के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। बताया जा रहा है कि खनन विभाग के माध्यम से इन वाहनों पर जुर्माना भी लगाया गया और उसकी वसूली की गई।

हालांकि, शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के तहत की जाने वाली अनिवार्य कार्रवाई पूरी नहीं की गई। नियमों के अनुसार, अवैध खनन से जुड़े मामलों में “डबल फाइन सिस्टम” लागू होता है, जिसके तहत पहले खनन विभाग और फिर परिवहन विभाग द्वारा अलग-अलग कार्रवाई और जुर्माना आवश्यक होता है। आरोप है कि इस दूसरी प्रक्रिया को पूरा किए बिना ही जब्त ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया।
इस संबंध में अनवर आलम नामक व्यक्ति ने जिला पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ जीपीएस आधारित तस्वीरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी संलग्न किए हैं, जो कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। साथ ही, उन्होंने अन्य संदिग्ध वाहनों के मामलों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।

शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए किशनगंज के जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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