BPSC छात्र प्रदर्शन: बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC को लेकर पटना में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को आयोग की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद और बढ़ गया। परीक्षा से जुड़ी जानकारी देने के दौरान BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों में नाराजगी फैल गई। छात्रों ने अधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है और मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने TRE-4 परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि TRE-4 की परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित किए जाने की संभावना है। परीक्षा दो चरणों में कराए जाने की तैयारी है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा यानी PT और मुख्य परीक्षा यानी Mains शामिल होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रहेगा।
TRE-4 परीक्षा को लेकर दी गई इस जानकारी के बीच जब पत्रकारों ने गर्दनीबाग में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया तो एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हाथी चले बाजार… कुत्ते भौंके हजार।”
इस बयान के सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने BPSC के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और अधिकारी से बयान वापस लेने तथा माफी मांगने की मांग उठाई।


बयान को लेकर छात्रों में नाराजगी
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। ऐसे में छात्रों के आंदोलन पर इस तरह की टिप्पणी करना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं और आयोग से लगातार संवाद की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों ने यह भी कहा कि अगर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगी, तो आंदोलन को आयोग के कार्यालय तक ले जाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी कहा कि आज जो छात्र अपनी मांगों के लिए सड़कों पर हैं, उनमें से कई भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं और सरकारी पदों पर जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। इसी संदर्भ में छात्रों ने अधिकारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
TRE-4 परीक्षा को लेकर क्या कहा गया?
BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में TRE-4 परीक्षा को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई। एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा को दो चरणों में आयोजित करने की तैयारी है। इसमें PT यानी प्रारंभिक परीक्षा और Mains यानी मुख्य परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू किए जाने की बात भी कही गई।
TRE-4 से जुड़ी परीक्षा की तारीख और अन्य विस्तृत जानकारी को लेकर अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग की आधिकारिक घोषणा पर है। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, परीक्षा से जुड़ी जानकारी के साथ ही प्रदर्शन और बयान का मुद्दा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चर्चा का केंद्र बन गया।

DM कार्यालय पहुंचे छात्र नेता
BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर के बयान को लेकर बढ़े विवाद के बीच छात्र नेता दिलीप कुमार और सौरभ कुमार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के लिए DM कार्यालय पहुंचे।
दोनों छात्र नेताओं ने DM कुंदन कुमार से मुलाकात की। बैठक में पटना SSP कार्तिकेय शर्मा समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान छात्रों की मांगों और आंदोलन को लेकर बातचीत हुई।
छात्र नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक से समाधान निकलने की उम्मीद थी, लेकिन बातचीत के बाद भी छात्रों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
25 अगस्त को बड़े आंदोलन की तैयारी
बैठक बेनतीजा रहने के बाद छात्र नेता सौरभ कुमार ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की मांगों को नहीं माना गया तो 25 अगस्त को आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छात्रों ने मंगलवार सुबह 10 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की घोषणा की है। इस मार्च के जरिए छात्र अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
छात्र नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। वे चाहते हैं कि परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आए और छात्रों के साथ सम्मानजनक तरीके से संवाद किया जाए।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की संभावना के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर संशय
छात्र नेता दिलीप कुमार ने बैठक के बाद कहा कि फिलहाल मुख्यमंत्री से मुलाकात की संभावना कम नजर आ रही है। इसके बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री स्तर पर भी उनकी समस्याओं को सुना जाएगा।
वहीं, सौरभ कुमार ने स्पष्ट किया कि अगर छात्रों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो 25 अगस्त को आंदोलन जारी रहेगा। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रस्तावित मार्च को इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
प्रशासन की नजर आंदोलन पर
पटना में छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। छात्र नेताओं और अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बावजूद फिलहाल विवाद का कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।
एक तरफ छात्र BPSC अधिकारी के बयान को लेकर माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आयोग की परीक्षा प्रक्रिया और TRE-4 की आगामी परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच चर्चा जारी है।
प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर छात्रों की मांगों को लेकर संवाद बनाए रखना है, तो दूसरी ओर प्रस्तावित मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करनी है।
आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा?
BPSC को लेकर छात्रों का आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एग्जामिनेशन कंट्रोलर की टिप्पणी ने पहले से चल रहे विरोध को और हवा दे दी है। छात्र माफी की मांग पर कायम हैं और उन्होंने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है।
25 अगस्त को प्रस्तावित मार्च इस आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की घोषणा के बाद प्रशासन की तैयारियों पर भी सबकी नजर रहेगी।
फिलहाल छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और BPSC छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या आंदोलन को बातचीत के जरिए समाप्त किया जा सकता है।
TRE-4 परीक्षा की संभावित तारीख, परीक्षा के दो चरण और नेगेटिव मार्किंग की जानकारी के साथ शुरू हुआ BPSC का सोमवार का घटनाक्रम अब छात्रों के विरोध और एग्जामिनेशन कंट्रोलर के बयान को लेकर बड़े विवाद में बदल गया है। छात्रों की माफी की मांग और 25 अगस्त के प्रस्तावित मार्च के कारण पटना में BPSC से जुड़ा यह आंदोलन फिलहाल सुर्खियों में बना हुआ है।










