किशनगंज नर्सिंग छात्रा मौत: बिहार के किशनगंज जिले में रेडिएंट अस्पताल एवं नर्सिंग संस्थान की 23 वर्षीय छात्रा तंजलि की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में नामजद अस्पताल कर्मी राहुल कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। अब सदर थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी सवालों के जवाब तलाशे जा सकें।
यह मामला उस समय सामने आया जब बुधवार को नर्सिंग छात्रा तंजलि का शव वार्ड संख्या-1 स्थित छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

मृतका तंजलि पश्चिम बंगाल के गुंजारिया की रहने वाली थी। वह रेडिएंट ग्रुप के नर्सिंग संस्थान में पढ़ाई कर रही थी और अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए छात्रावास में रह रही थी। परिवार और परिचितों के अनुसार, तंजलि अपने करियर को लेकर काफी उत्साहित थी और नर्सिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही थी।
घटना के बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना था कि तंजलि की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इस तरह का कदम उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कुछ लोगों पर गंभीर सवाल उठाए।

परिजनों ने अस्पताल कर्मी राहुल कुमार दास पर आरोप लगाए और पुलिस से पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग की। उनका कहना है कि मौत से जुड़े कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी जांच जरूरी है।
मृतका के मंगेतर रजाबुल ने भी घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले उनकी तंजलि से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान तंजलि सामान्य थी और अपने भविष्य को लेकर काफी खुश थी। वह नर्सिंग सर्टिफिकेट मिलने को लेकर उत्साहित थी और आगे की योजनाओं पर चर्चा कर रही थी।
रजाबुल और परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अचानक आत्महत्या करने की बात समझ से परे है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि मामले की हर दिशा से जांच की जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।
परिजनों ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। परिवार के अनुसार, वहां सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्ड जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी थी। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य समय रहते सामने आ सकते थे।

मामले में पुलिस ने अब तक कई पहलुओं को जांच के दायरे में रखा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच मामले में नाम सामने आने के बाद अस्पताल कर्मी राहुल कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब उससे पूछताछ के जरिए घटना की पूरी कड़ी समझने की कोशिश करेगी। पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड पर लेने के बाद आरोपी से घटना के समय उसकी मौजूदगी, मृतका से संबंध, बातचीत और अन्य परिस्थितियों को लेकर सवाल किए जा सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद नर्सिंग संस्थान और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और लोग मांग कर रहे हैं कि शिक्षण संस्थानों में रहने वाली छात्राओं के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल किशनगंज पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। तंजलि की मौत का कारण क्या था, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अभी जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।










