पूर्णिया जमीन विवाद: पूर्णिया जिले के मधुबनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम जमीन विवाद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद मारपीट, हंगामे और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना मधुबनी थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-3 स्थित शिवधाम इलाके की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत जमीन से जुड़े मामले को लेकर हुई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शाम के समय कुछ लोग शिवधाम इलाके में पहुंचे और वहां रहने वाले जय कृष्ण सिंह तथा उनके भाई मुन्ना सिंह से विवाद करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरुआती विवाद के दौरान कुछ लोगों ने दोनों भाइयों को जबरन चार पहिया वाहन में बैठाने की कोशिश की। हालांकि, विरोध के बाद वे लोग वहां से चले गए।
लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। आरोप है कि मुकेश श्रीवास्तव, श्यामल श्रीवास्तव और उनके कुछ सहयोगी दोबारा शिवधाम पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों में फिर से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मारपीट होने लगी, जिसमें जय कृष्ण सिंह को चोटें आईं।
मारपीट की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जुटने के बाद वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भीड़ को देखकर कुछ लोग वहां से भागने लगे। आरोप है कि इसी दौरान भाग रहे लोगों की ओर से करीब चार राउंड फायरिंग की गई।
फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में डर का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस के अनुसार, इस घटना में किसी व्यक्ति के गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गोलियां हवा में चलाई गई थीं।
फायरिंग के बाद भाग रहे कुछ लोगों को स्थानीय ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भीड़ के कब्जे से आरोपियों को छुड़ाया।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। वहीं, मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे, एक जिंदा कारतूस और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल की जांच कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
मामले की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीपीओ-1 अभिनव परासर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और फायरिंग किसने की।
घायल जय कृष्ण सिंह ने आरोप लगाया है कि विवाद सरकारी जमीन से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि कुछ लोग कथित तौर पर सरकारी जमीन की बिक्री कराने की कोशिश कर रहे थे। जब किसी ग्राहक ने उनसे इस जमीन के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने इसे विवादित बताया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उन पर हमला किया गया।
हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। जमीन विवाद, मारपीट, फायरिंग और अन्य घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन विवाद जैसे मामलों में समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।











