किशनगंज में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे की महत्वपूर्ण संपत्ति की चोरी में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े छह डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन पैनल) बॉक्स बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

छापेमारी में बड़ा खुलासा
RPF ने नीमचंद रोड स्थित एक बर्तन की दुकान पर छापेमारी की, जहां से चोरी के डीपी बॉक्स बरामद किए गए। इस मामले में दुकान मालिक रमेश प्रजापति और पश्चिम बंगाल के चाकुलिया निवासी अजीजुल हक को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रेलवे ट्रैक के किनारे लगे डीपी बॉक्स चोरी कर उन्हें कबाड़ के रूप में बेहद कम कीमत पर बेच रहे थे।
लगातार हो रही थीं चोरी की घटनाएं
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत गयशल से किशनगंज के बीच पिछले 15 दिनों से लगातार डीपी बॉक्स चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन घटनाओं के कारण रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित हो रहा था, जिससे ट्रेनों के संचालन में बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं और सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा था।

जांच से गिरोह तक पहुंची पुलिस
लगातार हो रही चोरियों को गंभीरता से लेते हुए RPF ने विशेष जांच अभियान शुरू किया। इस दौरान अजीजुल हक संदिग्ध पाया गया। कड़ी पूछताछ में उसने पूरे गिरोह और चोरी के नेटवर्क का खुलासा कर दिया। इसके बाद RPF, रेलवे क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद किया।
कौड़ियों के दाम में बेचा जा रहा था सामान
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एक डीपी बॉक्स की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये होती है, लेकिन आरोपी इन्हें महज 6 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कबाड़ में बेच रहे थे। यह अंतर न केवल आर्थिक नुकसान को दर्शाता है, बल्कि रेलवे सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही भी उजागर करता है।
आगे की कार्रवाई जारी
बरामदगी के बाद दुकान मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस तरह की चोरी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीपी बॉक्स सिग्नलिंग सिस्टम का अहम हिस्सा होते हैं, और उनकी चोरी से न केवल ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
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