किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड स्थित नारियलबाड़ी गांव इन दिनों भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ है। मंगलवार से यहां 72 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन समारोह विधिवत शुरू हो गया, जिसकी शुरुआत दोपहर 12 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कलश यात्रा इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें 251 महिलाओं ने भाग लिया। सभी महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शामिल हुईं। उनके साथ सैकड़ों पुरुष श्रद्धालु भी भक्ति भाव से यात्रा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की गूंज के बीच पूरा इलाका भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
यह यात्रा नारियलबाड़ी गांव से निकलकर दलबाड़ी और पवना होते हुए पौआखाली नगर पंचायत के बूढ़ी कनकई नदी स्थित पवना घाट तक पहुंची। वहां व्रतियों ने विधि-विधान से कलश में पवित्र जल भरा और उसे लेकर पुनः यज्ञ स्थल पर लौटे, जहां कलश की स्थापना की गई।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दलबाड़ी में स्थानीय समाजसेवियों द्वारा शरबत और पानी की व्यवस्था की गई, वहीं कई स्थानों पर भक्तों ने व्रतियों के चरण धोकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन ने सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था की अनूठी मिसाल पेश की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बहादुरगंज थाना पुलिस पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रूप से तैनात रही, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

आयोजन समिति के सदस्य बाबुल कुमार, करण सिन्हा, शुभम कुमार, तपन सिंहा और राहुल सिंहा ने जानकारी दी कि यह अखंड संकीर्तन शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक निरंतर चलेगा। इस दौरान पश्चिम बंगाल और नेपाल से आई कीर्तन एवं रास मंडलियां अपनी प्रस्तुति देंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, सामाजिक समृद्धि और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है। तीनों दिनों तक निरंतर हरिनाम संकीर्तन के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।
कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।
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