बिहार के अररिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में हाल ही में हुई घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

जायसवाल ने कहा कि मालदा में घटी घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह प्रशासनिक विफलता का भी उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार को फटकार लगाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति कितनी चिंताजनक है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही और उदासीन रवैये के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

अपने बयान को और तीखा करते हुए उन्होंने मालदा जिले को “घुसपैठ का गढ़” करार दिया। उनका कहना था कि यह क्षेत्र देश विरोधी गतिविधियों के लिए संवेदनशील बनता जा रहा है और यहां से सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि सीमा सुरक्षा को और सख्त किया जाए और ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

जायसवाल ने राष्ट्रीय एकता और नागरिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इसके प्रति सजग और उत्तरदायी होना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी मजबूती से अपनी स्थिति बनाए हुए है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रहेंगे।
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