RJD स्थापना दिवस: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को अपना 30वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और राजनीतिक जोश के साथ मनाया। राजधानी पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। तीन दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह केवल जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें संगठन की आगामी रणनीति, जनता से जुड़े मुद्दों और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पूरे कार्यक्रम में पार्टी की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि राष्ट्रीय जनता दल आने वाले समय में भी जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने की। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की पहचान हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और गरीबों की आवाज उठाने वाली पार्टी के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में पार्टी ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन जनता के हितों के लिए संघर्ष कभी नहीं छोड़ा। लालू यादव ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत होता है और यही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा।
अपने संबोधन में लालू यादव ने पार्टी के पुराने संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना ऐसे समय में हुई थी जब सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा देने की जरूरत महसूस की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने हमेशा समाज के वंचित, गरीब, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया है। उनके अनुसार, यही विचारधारा आगे भी पार्टी की सबसे बड़ी पहचान बनी रहेगी।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान राजनीतिक माहौल तब और गर्म हो गया जब हालिया भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी मंच से उठाया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रसिद्ध लोकगायक छोटू छलिया ने इस घटना पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि किसी आरोपी ने वास्तव में आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद उसे गोली मारने जैसी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
छोटू छलिया ने अपने संबोधन के दौरान एक लोकगीत भी प्रस्तुत किया, जिसके बोल थे— “नाही चाली तोहरो तानाशाहीया, जागल बा बिहरिया…”। इस गीत के माध्यम से उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया। उनके गीत पर कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी उत्साह दिखाया और तालियों से उनका स्वागत किया। यह प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण बनी रही।
स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय को विशेष रूप से सजाया गया था। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, पार्टी के झंडों, बैनरों और पोस्टरों से आकर्षक रूप दिया गया। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंच तक पार्टी के 30 वर्षों के राजनीतिक सफर को दर्शाने वाले पोस्टर लगाए गए थे। कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह साफ दिखाई दे रहा था और कई समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नारेबाजी करते नजर आए।

गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं और अतिथियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। परिसर में कई एयर कंडीशनर और बड़े कूलर लगाए गए थे ताकि कार्यक्रम में शामिल लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा पीने के पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं। आयोजकों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पहले से ही सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए थे।
कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और पार्टी के 30 वर्ष पूरे होने पर खुशी जाहिर की। कई नेताओं ने इस अवसर पर पार्टी के इतिहास, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार भी रखे। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का लक्ष्य केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना भी है।
समारोह के अंत में नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए विशेष भोज का आयोजन किया गया। इस भोज में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समर्थक शामिल हुए। भोज के दौरान भी संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी तैयारियों और पार्टी के विस्तार को लेकर नेताओं के बीच चर्चा होती रही। कार्यकर्ताओं ने भी नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया और संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह पार्टी की राजनीतिक दिशा, संगठनात्मक एकजुटता और भविष्य की रणनीति का भी प्रदर्शन माना गया। लालू प्रसाद यादव के संबोधन से लेकर कार्यकर्ताओं के उत्साह और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर हुई चर्चाओं तक, पूरे कार्यक्रम ने यह संकेत दिया कि पार्टी आने वाले समय में भी खुद को सक्रिय राजनीतिक ताकत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करेगी।
तीन दशक पूरे होने के इस अवसर पर RJD नेतृत्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों—सामाजिक न्याय, समानता और जनहित—को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थापना दिवस समारोह में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संकल्प दोहराया। इसी संदेश के साथ राष्ट्रीय जनता दल ने अपने 30 वर्षों के सफर का जश्न मनाते हुए भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों के लिए खुद को तैयार बताया।










