पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के नोटिफिकेशन को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। पटना के गर्दनीबाग में बड़ी संख्या में छात्र ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ के तहत धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसी मांग को लेकर छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया है।
आंदोलन की शुरुआत राष्ट्रगान, वंदे मातरम और रघुपति राघव राजा राम के साथ की गई। प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार से जल्द TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया और तारीखों को लेकर स्पष्ट आधिकारिक अधिसूचना चाहिए।

24 घंटे का अल्टीमेटम
छात्र नेताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि तय समय के भीतर TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं और लगातार देरी से उनकी परेशानी बढ़ रही है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी होने का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पहले भी TRE-4 के नोटिफिकेशन को लेकर समय-सीमा बताई गई थी, लेकिन निर्धारित समय के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं हुई। इसी कारण अब छात्रों का धैर्य जवाब देने लगा है और वे आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं।
छात्रों को चाहिए स्पष्ट फैसला
छात्रों का कहना है कि TRE-4 को लेकर सरकार को जल्द और स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। उनका तर्क है कि भर्ती परीक्षा में जितनी देरी होगी, उतना ही अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ेगा। कई छात्र लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं।
छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार की ओर से अलग-अलग समय पर परीक्षा और नोटिफिकेशन को लेकर बातें कही गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि वे किसी तरह का आश्वासन या अस्थायी समाधान स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। उनकी मांग है कि TRE-4 की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाए और परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

PT और MAINS व्यवस्था का विरोध
TRE-4 के नोटिफिकेशन के साथ-साथ छात्रों ने परीक्षा के संभावित पैटर्न को लेकर भी आपत्ति जताई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रारंभिक परीक्षा यानी PT और मुख्य परीक्षा यानी MAINS की व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।
छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। ऐसे में यदि नई परीक्षा प्रणाली लागू की जाती है तो भर्ती प्रक्रिया और लंबी हो सकती है। उनका सुझाव है कि TRE-4 को मौजूदा व्यवस्था के अनुसार पूरा कराया जाए और यदि सरकार नई परीक्षा प्रणाली लागू करना चाहती है तो उसे TRE-5 या उसके बाद की भर्ती प्रक्रिया से लागू किया जाए।
छात्रों का यह भी कहना है कि TRE-4 के अभ्यर्थियों ने लंबे समय से परीक्षा की तैयारी की है। ऐसे में परीक्षा पैटर्न में अचानक बदलाव करने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है।
गर्दनीबाग में जारी है सत्याग्रह
पटना का गर्दनीबाग लंबे समय से विभिन्न छात्र और अभ्यर्थी आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। TRE-4 को लेकर शुरू हुए इस सत्याग्रह में भी बड़ी संख्या में छात्र जुटे हैं। प्रदर्शनकारी बैनर और पोस्टर के जरिए अपनी मांगों को सामने रख रहे हैं।
आंदोलन की शुरुआत धार्मिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के साथ की गई। इसके बाद छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग उठाई।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए है। वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती
छात्रों की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब सरकार के सामने इस मुद्दे को लेकर जल्द प्रतिक्रिया देने की चुनौती है। यदि तय समय में नोटिफिकेशन जारी नहीं होता है, तो छात्रों ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की चेतावनी दी है।
शिक्षा मंत्री के आवास के घेराव की चेतावनी के कारण प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, फिलहाल छात्रों का मुख्य फोकस TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करवाने पर है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा।
अभ्यर्थियों को नोटिफिकेशन का इंतजार
TRE-4 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन बेहद महत्वपूर्ण है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही परीक्षा की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन की तारीख, परीक्षा पैटर्न और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसी वजह से छात्रों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। उनका मानना है कि स्पष्ट अधिसूचना आने से अभ्यर्थियों के बीच बना असमंजस खत्म होगा और वे अपनी तैयारी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे।
आंदोलन का अगला कदम क्या होगा?
फिलहाल गर्दनीबाग में छात्रों का सत्याग्रह जारी है और सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस समयसीमा के भीतर क्या कदम उठाती है।
यदि TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होता है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है, लेकिन अगर छात्रों की मांग पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं आता है तो प्रदर्शन और तेज होने की चेतावनी दी गई है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता TRE-4 की परीक्षा को जल्द कराना और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। छात्रों की मांग है कि सरकार उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय ले।
फिलहाल पटना के गर्दनीबाग में जारी ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ शिक्षा विभाग और प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। आने वाले 24 घंटे TRE-4 को लेकर आगे की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।










