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मुंबई में लोगों के लिए मसीहा बने मोहम्मद इस्माइल

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मुंबई में रह रहे मोहम्मद इस्माइल, जो मूल रूप से बिहार के किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के गांव दोगाछी के निवासी हैं, आज अपनी सेवा भावना और सामाजिक कार्यों के कारण न सिर्फ किशनगंज बल्कि मुंबई में भी एक प्रेरणा बन गए हैं। मुंबई जैसे व्यस्त और महंगे शहर में, जहां बाहरी लोगों के लिए जिंदगी जीना चुनौती बन जाती है, मोहम्मद इस्माइल किशनगंज के लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर उभरे हैं।

मरीज के साथ लिया गया फोटो

मोहम्मद इस्माइल खासतौर पर उन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, जो इलाज के लिए किशनगंज से मुंबई आते हैं। कैंसर, किडनी फेलियर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए वह न केवल अस्पताल तक पहुंचने में मदद करते हैं, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुफ्त या कम लागत में इलाज करवाने का प्रबंध भी करते हैं। इसके लिए वह विभिन्न एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी योजनाओं से सहायता दिलाने की पूरी कोशिश करते हैं। कई बार, अपनी व्यक्तिगत पहचान और संबंधों का उपयोग कर वह बड़े अस्पतालों से रियायतें दिलवाते हैं, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को राहत मिल सके।

सहायता करने पहुंचे अस्पताल

इसके अलावा, मुंबई में काम करने वाले किशनगंज के लोग जब बीमार पड़ते हैं, तो मोहम्मद इस्माइल उन्हें अस्पताल पहुंचाने से लेकर उनके इलाज और दवाइयों का इंतजाम करने तक हर कदम पर साथ रहते हैं। वह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता करते हैं, बल्कि किशनगंज से मुंबई आने वाले किसी भी व्यक्ति के काम में मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। चाहे वह किसी को रेलवे स्टेशन से लाना हो, एयरपोर्ट तक छोड़ना हो, या मुंबई के अजनबी माहौल में रास्ता दिखाना हो, मोहम्मद इस्माइल हर जगह मददगार बनकर खड़े नजर आते हैं।

विनय दुबे के साथ मोहम्मद इस्माइल

उनकी इंसानियत और सेवा भावना यहीं खत्म नहीं होती। मोहम्मद इस्माइल के पास अक्सर किशनगंज से आए लोग उनके कमरे में चार-पांच दिन ठहरते हैं, और वह अपने सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी हर तरह की मेहमानवाजी करते हैं। मुंबई जैसे कठिन जीवनशैली वाले शहर में, जहां खुद की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन जाती है, मोहम्मद इस्माइल का यह समर्पण वास्तव में सराहनीय है।

मोहम्मद इस्माइल द्वारा सहायता किया गया मरीज

मुंबई में अपने संपर्क और सामाजिक प्रभाव के जरिए उन्होंने वहां के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबे और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हैं। इसका लाभ न केवल किशनगंज के लोगों को बल्कि अन्य जरूरतमंदों को भी मिलता है। उनकी यह पहचान और सेवा भावना उन्हें मुंबई और किशनगंज दोनों जगहों पर एक सम्मानित और प्रिय व्यक्तित्व बनाती है।

सेल्फी

मोहम्मद इस्माइल का यह प्रयास न केवल लोगों की मदद करता है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर यह संदेश देता है कि इंसानियत और सेवा भावना के जरिए किसी की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है।

Mohammad Ismail
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