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टप्पू में टोला सेवक की बहाली में अनियमितता

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बिहार के दिघलबैंक प्रखंड स्थित टप्पू गांव में टोला सेवक की बहाली में अनियमितता का मामला सामने आया है। मामला उत्क्रमित मध्य विद्यालय टप्पू हाट से जुड़ा हुआ है, जहां मेघा सूची में नाम आने के बावजूद एक बाहरी व्यक्ति को नियुक्त कर लिया गया है। इस घटना को लेकर संजय कुमार हरिजन नामक पीड़ित ने जिला पदाधिकारी विशाल राज, बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है।

टोला सेवक की बहाली में अनियमितता
टोला सेवक की बहाली में अनियमितता

आवेदन में संजय कुमार का आरोप

संजय कुमार हरिजन ने बताया कि जुलाई 2023 में उन्होंने टोला सेवक की नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद मेघा सूची का प्रकाशन हुआ। इस सूची में उनका क्रमांक प्रथम था। उन्होंने लगातार नियुक्ति पत्र देने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन इस मामले में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद, 21 फरवरी 2025 को नवचयनित शिक्षा सेवकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण हेतु पत्र जारी किया गया, लेकिन जब संजय ने प्रशिक्षण पत्र देखा तो हैरान रह गए। उनके नाम के स्थान पर धीरज कुमार का नाम था, जो कि टप्पू हाट का निवासी भी नहीं है। संजय ने इसे स्पष्ट रूप से गलत बताया और आरोप लगाया कि उनकी जगह एक बाहरी व्यक्ति को जानबूझकर नियुक्त किया गया है।

टोला सेवक की बहाली में अनियमितता
टोला सेवक की बहाली में अनियमितता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मदद की गुहार

पीड़ित संजय कुमार हरिजन ने भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। डॉ. जायसवाल ने संजय को मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से संवाद करेंगे।

टोला सेवक की बहाली में अनियमितता
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अनियमितता की जांच की मांग

अब यह मामला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, और पीड़ित संजय कुमार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इस अनियमितता को ठीक नहीं किया गया, तो वह और उनके समर्थक इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे।

यह घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली और नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और बिहार सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

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