किशनगंज।
बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मझिया पुल जल्द ही पुनर्निर्मित होने जा रहा है। यह पुल 2017 में आई भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से स्थानीय ग्रामीण इसके पुनर्निर्माण की लगातार मांग कर रहे थे। वर्षों से आवागमन में परेशानी झेल रहे ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों के लिए यह पुल निर्माण की घोषणा बड़ी राहत लेकर आई है।

ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रदर्शन और आंदोलन किए जाने के बाद अधिकारियों ने अब पुल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। बुधवार को सदर विधायक कमरुल हुदा, नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुल स्थल का निरीक्षण किया। इस मौके पर कई स्थानीय लोग और प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान विधायक कमरुल हुदा ने बताया कि सांसद से लेकर सभी जनप्रतिनिधियों के निरंतर प्रयासों से यह परियोजना संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि निर्माण में कुछ तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “जल्द ही पुल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा और इसके पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा।”

विशेष रूप से किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 34 के निवासियों को इस पुल से सीधी लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल से किशनगंज शहर आने-जाने वाले लोगों के लिए आवागमन में आसानी होगी। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में भी सुधार होने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान विधायक प्रतिनिधि ईदू हुसैन, फैसल अहमद, जय नारायण यादव सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका यह वर्षों पुराना सपना अब जल्द ही साकार होने जा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि पुल के बनने के बाद क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी और लोगों को समय की बचत होगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि पुल निर्माण के लिए सभी जरूरी सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन किया जाएगा ताकि यह संरचना लंबे समय तक मजबूती से खड़ी रहे।
किशनगंज के मझिया पुल का पुनर्निर्माण परियोजना न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि ग्रामीणों और शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी मदद करेगा।
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