बिहार के किशनगंज जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र से AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने मस्जिदों में अजान (नमाज़ के लिए बुलावा) की आवाज़ को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि लाउडस्पीकर पर अजान की आवाज़ इतनी तेज़ न हो कि वह तीन किलोमीटर तक सुनाई दे।

एक यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत में विधायक ईमान ने कहा, “मस्जिदों में अजान की आवाज़ इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए कि दूर-दूर तक सुनाई दे। यह उचित व्यवहार नहीं है।” उनका कहना था कि उनके मोहल्ले में लगभग 500 मीटर के दायरे में ही लोग मस्जिद में नमाज़ पढ़ने आते हैं, लेकिन अक्सर अजान इतनी ज़ोर से दी जाती है कि पूरा इलाका सुनता है।

विधायक ने आगे बताया कि अजान का उद्देश्य नमाज़ के समय की सूचना देना, मस्जिद की ओर लोगों को आमंत्रित करना और अल्लाह का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों और इस्लामी शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इतनी तेज़ अजान उचित नहीं है।
ईमान ने अपने बयान में इस्लामी तालीमात का हवाला देते हुए कहा कि यदि मस्जिद में कोई नमाज़ अदा कर रहा हो, तो ऊँची आवाज़ में अजान देना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अजान की आवाज़ की एक सीमा होनी चाहिए और इसे समाज के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाना चाहिए।

उनके इस बयान को मुस्लिम समुदाय में संतुलित और जिम्मेदाराना रुख के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, लाउडस्पीकर पर अजान की आवाज़ को लेकर देश में बहस अभी भी जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल समुदाय के भीतर आपसी समझ और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का प्रयास है। कुछ धार्मिक संगठनों ने भी इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया है, ताकि धार्मिक प्रथाओं और सार्वजनिक शांति के बीच संतुलन कायम रहे।
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