पूर्णिया के चर्चित कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी हत्याकांड को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सांसद का दावा है कि हत्या में शामिल सभी आरोपी फिलहाल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में छिपे हुए हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त है।

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पुलिस व अपराधियों की मिलीभगत से सरकार चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के दिन ही मुख्य आरोपी प्रताप सिंह, विजय सिंह, रतन सिंह, बृजेश सिंह, लोकेश झा और कन्हैया झा एक ही बोलेनो कार से फरार होकर सिलीगुड़ी की ओर रवाना हो गए थे। इस वाहन में नेवालाल चौक निवासी कन्हैया झा भी मौजूद था।

सांसद के अनुसार, सिलीगुड़ी पहुंचते ही सभी आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए ताकि पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके। उन्होंने दावा किया कि आरोपी वहां करीब दो दिनों तक एक दोस्त के घर रुके, जहां उनके साथ एक युवती भी मौजूद थी। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस दौरान युवती के साथ गलत तरीके से शारीरिक शोषण भी किया गया, जो इस गिरोह की आपराधिक मानसिकता को उजागर करता है।

पप्पू यादव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच की मांग करते हुए पूर्णिया के आईजी और एसपी से आग्रह किया कि दालकोला और सिलीगुड़ी चेक पोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिस बोलेनो कार से आरोपी फरार हुए, वह इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी है और उसकी तत्काल तकनीकी व फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए।
सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो यह गिरोह किसी और बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम दे सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आरोपियों को किसका संरक्षण प्राप्त है और किन प्रभावशाली लोगों की शह पर वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।
पप्पू यादव ने साफ कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले में ढिलाई बरती, तो वे सड़क से सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। सूरज बिहारी हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता की बड़ी परीक्षा बन चुका है।
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