किशनगंज जिले में सड़क किनारे मिले शव के रहस्य का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मृतक मंजर आलम (46) की हत्या उसके ही छोटे भाई संजर आलम ने साजिश रचकर कराई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी छोटे भाई सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र के झिलझिली गांव से जुड़ी है। बीते 3 फरवरी को निशान्द्र टांगटंगी की पक्की सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों ने शव की पहचान नहीं की थी, लेकिन बाद में मृतक की पत्नी परवीन बेगम ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने अपनी जांच में तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से यह जानकारी जुटाई कि मृतक और उसके छोटे भाई के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद और निजी रंजिश के चलते संजर आलम ने अपने सहयोगी मोहम्मद मुनव्वर आलम को 3 लाख रुपये की सुपारी देकर बड़े भाई की हत्या करवाई।

अपराधियों ने सुनसान इलाके में मंजर आलम की पिटाई की और फिर शव को सड़क किनारे फेंक दिया। जांच में यह भी पता चला कि हत्या की योजना पहले से तैयार की गई थी और इसके लिए पांच लोगों का सहयोग लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन और 34 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मामले में जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
इस खुलासे के बाद किशनगंज में स्थानीय लोग सकते में हैं और इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा और आपसी विश्वास को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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