अररिया जिले में जिला प्रशासन ने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अवैध नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी छापेमारी अभियान चलाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बिना निबंधन और बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासनिक शिकंजा कसा गया है, जिससे स्वास्थ्य माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन की ओर से गठित धावा दल ने जिले के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे सीनियर डिप्टी कलेक्टर अभिजीत कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अररिया में कई नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना पंजीकरण और बिना योग्य डॉक्टरों के चलाए जा रहे हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने ‘उमर नर्सिंग होम’ के ऑपरेशन थिएटर में गंभीर अनियमितता पकड़ी। सीनियर डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि टीम ने वहां एक मरीज का टांका काटने की तैयारी करते हुए कर्मियों को रंगेहाथ पकड़ा। जांच में यह भी सामने आया कि नर्सिंग होम के पास न तो वैध निबंधन था और न ही आवश्यक चिकित्सकीय मानकों का पालन किया जा रहा था।

बताया जा रहा है कि अररिया सदर अस्पताल के सामने स्थित बापू मार्केट इलाके में दर्जनों की संख्या में अवैध नर्सिंग होम और बिना डिग्री के कथित डॉक्टर लंबे समय से ऑपरेशन जैसे गंभीर चिकित्सा कार्य कर रहे थे। इससे मरीजों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ था।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध नर्सिंग होम और क्लिनिक संचालकों में अफरा-तफरी मच गई है। कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जबकि कुछ जांच टीम से बचने की कोशिश करते नजर आए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की छापेमारी आगे भी जारी रहेगी और जो भी व्यक्ति या संस्था बिना वैध अनुमति और योग्य चिकित्सकों के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल पंजीकृत और प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों का ही चयन करें।
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