मदरसा कासिमुल उलूम में रविवार को “बज्मे इरफानी” के बैनर तले भव्य और प्रेरणादायक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करना और उनकी हौसला अफजाई करना था। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, स्थानीय गणमान्य लोग, उलेमा, डॉक्टर, इंजीनियर और वकील मौजूद रहे।

मदरसे का संचालन कारी मोहम्मद तसव्वर इरफानी की देखरेख में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। यहाँ नर्सरी से लेकर पाँचवीं कक्षा तक बच्चों को सीबीएसई की तर्ज पर शिक्षा दी जाती है, जिससे छात्रों को दीन और दुनियावी शिक्षा दोनों का लाभ मिलता है। संस्थान की सात साल की स्थापना में अब तक 27 बच्चे हाफिज-ए-कुरान बन चुके हैं, जो क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

कार्यक्रम के दौरान मेधावी और अनुशासित छात्रों को पुरस्कार और नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने नात, नज्म और तकरीर उर्दू, अरबी और अंग्रेजी में पेश कर उपस्थित मेहमानों का दिल जीत लिया। उनकी बेहतरीन प्रस्तुति, साफ लहजा और आत्मविश्वास को देखकर लोगों ने खुलकर सराहना की।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात से आए मौलाना मुफ़्ती नायाब साहब, उस्तादे हदीस दारुल उलूम रामपुरा सूरत मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दीनी तालीम इंसान की अखलाकी बुनियाद को मजबूत करती है, जबकि दुनियावी शिक्षा उसे समाज में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने मदरसे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में मिसाल कायम करते हैं।

समारोह के अंत में मदरसा प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजन बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना और नई प्रेरणा पैदा करते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करती है।
कार्यक्रम शांति, अनुशासन और उत्साह के माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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