किशनगंज जिले में ‘भारत बंद’ के आह्वान का गुरुवार को व्यापक असर देखने को मिला। भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) को जाम कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।

यह प्रदर्शन बस स्टैंड के पास जिला अध्यक्ष राजेंद्र पासवान के नेतृत्व में किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया। जाम के कारण NH-27 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की वर्तमान नीतियां एससी, एसटी, ओबीसी और शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर कर रही हैं। भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पासवान ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक जिले का नहीं बल्कि एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है।

उन्होंने मांग की कि एससी-एसटी और ओबीसी समुदायों के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रावधानों के साथ नया यूजीसी बिल लागू किया जाए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता से छूट देने की मांग भी शामिल रही।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और भविष्य में इसे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

NH-27 के जाम होने से न केवल स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ, बल्कि लंबी दूरी की बसों और ट्रकों की आवाजाही भी पूरी तरह रुक गई। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और यातायात को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

इस आंदोलन ने एक बार फिर क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
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