अररिया नगर परिषद के वार्ड संख्या-11 स्थित डमहेली कब्रिस्तान इन दिनों कोसी नदी के तेज कटाव की चपेट में है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय की आस्था और भावनाओं से जुड़ा यह स्थल धीरे-धीरे नदी में समाता जा रहा है, जिससे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक दशक से लगातार हो रहे कटाव के कारण कब्रिस्तान का बड़ा हिस्सा पहले ही नदी में बह चुका है। अब तक लगभग 1.5 बीघा भूमि कटाव की भेंट चढ़ चुकी है और शेष जमीन भी गंभीर खतरे में है। कई परिवारों की भावनाएं इससे जुड़ी होने के कारण यह स्थिति उनके लिए बेहद पीड़ादायक बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में अंतिम संस्कार के लिए स्थान की भारी कमी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर हाल ही में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से जिला आपदा पदाधिकारी को आवेदन सौंपने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द बोल्डर पिचिंग, तटबंध निर्माण और अन्य सुरक्षात्मक उपायों को शुरू करे, ताकि कटाव को रोका जा सके और कब्रिस्तान को बचाया जा सके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
हर वर्ष कोसी नदी का कटाव और बाढ़ इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाते हैं। डमहेली कब्रिस्तान की मौजूदा स्थिति इस समस्या की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर रही है और प्रशासन के लिए त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दे रही है।
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