किशनगंज, 26 अप्रैल: जिले के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत धनटोला पंचायत में जमीन कब्जे को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज अंजुम ने अपनी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिरोज अंजुम के अनुसार, उनके परिवार की लगभग 32 एकड़ 87 डिसमिल जमीन दिघलबैंक प्रखंड के मोहामारी क्षेत्र में स्थित है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने इस जमीन को सरकारी भूमि बताकर उस पर अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। उन्होंने दावा किया कि करीब 32 लोग इस भूमि पर रह रहे हैं और वहां से बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई कर उसे बेचा भी जा रहा है, जिससे जमीन की स्थिति और खराब हो रही है।

अंजुम ने इस पूरे प्रकरण को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि इसमें स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की भी आशंका है। उन्होंने बताया कि जमीन खाली कराने के लिए प्रखंड स्तर से एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, जिसमें 13 लोगों के नाम चिन्हित किए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

उन्होंने नेहरू इस्लाम सहित कुछ व्यक्तियों पर सीधे तौर पर कब्जा कराने का आरोप लगाया है और पंचायत के मुखिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। अंजुम का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत दी, लेकिन अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
इस बीच, दिघलबैंक थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अंजुम ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, और यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विवाद और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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