किशनगंज पुलिस अभियान: बिहार के किशनगंज जिले में अपराध और तस्करी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। जून 2026 के पूरे महीने पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए 239 अपराधियों को गिरफ्तार किया और करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ, अवैध शराब, नकदी, वाहन तथा अन्य अवैध सामान बरामद किए। पुलिस का कहना है कि यह अभियान जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अपराध नियंत्रण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध बालू खनन, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी, पशु तस्करी, गृहभेदन, वाहन चोरी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाया। पूरे जिले में विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई, जिससे कई मामलों में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
अभियान के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धि मादक पदार्थों की बरामदगी रही। पुलिस ने कुल 6 किलो 106 ग्राम हेरोइन, ब्राउन शुगर और स्मैक जब्त की। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 13.460 किलोग्राम गांजा और 9.54 ग्राम अन्य मादक पदार्थ भी जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि इन बरामदगियों से यह स्पष्ट होता है कि जिले के रास्ते सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की गई है।

किशनगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रख रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि सीमावर्ती जिलों का इस्तेमाल कई बार मादक पदार्थों और अन्य अवैध सामान की तस्करी के लिए किया जाता है। इसी कारण पुलिस ने चेकिंग अभियान और खुफिया सूचना के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की।
शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए भी पूरे महीने विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 2092.405 लीटर विदेशी शराब, 172.1 लीटर देशी शराब और 380 लीटर जावा शराब बरामद की। जब्त की गई शराब को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नष्ट भी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों पर भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 37 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें 3 ट्रक, डीसीएम और बस, 9 स्कॉर्पियो, कार, पिकअप और ट्रैक्टर, 21 मोटरसाइकिल एवं साइकिल तथा 4 टेम्पो शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों का उपयोग अलग-अलग प्रकार की अवैध गतिविधियों में किए जाने की आशंका के आधार पर उन्हें जब्त किया गया और संबंधित मामलों की जांच जारी है।
पुलिस ने अभियान के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण सामान भी बरामद किए। इनमें 49 मोबाइल फोन, 83 मवेशी, 6 लाख 28 हजार 364 रुपये भारतीय मुद्रा तथा 1 लाख 59 हजार 45 रुपये नेपाली मुद्रा शामिल है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, मतदान पहचान पत्र, कैलकुलेटर, डायरी, रसीद बुक, चोरी के बिजली के तार, लोहे के पाइप और अन्य संदिग्ध सामान भी पुलिस ने जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन बरामद वस्तुओं का संबंध विभिन्न आपराधिक मामलों से हो सकता है और उनकी जांच की जा रही है।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी जून महीने में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 14 लाख 52 हजार 906 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भविष्य में भी नियमित वाहन जांच अभियान जारी रहेगा।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराध और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों को लगातार सक्रिय रहने और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, पशु तस्करी और चोरी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र का भी उपयोग कर रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जून महीने के अभियान से कई वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी भी संभव हुई है। इससे पुराने मामलों की जांच को गति मिली है और कई मामलों में नए सुराग भी मिले हैं। पुलिस का मानना है कि लगातार कार्रवाई से अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा और जिले में अपराध की घटनाओं में कमी आएगी।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह नियमित अभियान चलते रहे तो अपराध और तस्करी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। खासकर मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से युवाओं को नशे के जाल से बचाने में मदद मिलेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
कुल मिलाकर जून 2026 में चलाया गया किशनगंज पुलिस का विशेष अभियान कई मायनों में सफल माना जा रहा है। 239 अपराधियों की गिरफ्तारी, करोड़ों रुपये के मादक पदार्थों की बरामदगी, हजारों लीटर अवैध शराब की जब्ती, बड़ी संख्या में वाहनों और अन्य सामान की बरामदगी यह दर्शाती है कि पुलिस अपराध और तस्करी के खिलाफ लगातार सक्रिय है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।










