मकान हादसा: कटिहार के नगर थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अडगड़ा चौक के पास लहरिया फील्ड में एक पुरानी और जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के अचानक ढहने से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और मौके पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया गया।
घटना अडगड़ा चौक के पास लहरिया फील्ड इलाके की बताई जा रही है। बताया गया कि जिस इमारत का हिस्सा या पूरा मकान अचानक गिरा, वह काफी पुराना और जर्जर हालत में था। इमारत के गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा मौके पर फैल गया। हादसे के बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर जुटने लगे और पूरे इलाके में चिंता का माहौल बन गया।
इमारत गिरने के बाद सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर सामने आई कि कहीं कोई व्यक्ति या बच्चा मलबे के नीचे तो नहीं दब गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से कुछ समय पहले कुछ बच्चों को इमारत के आसपास खेलते हुए देखा गया था। इसी वजह से मलबे में बच्चों के दबे होने की आशंका जताई गई। हालांकि, अभी तक किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए राहत और बचाव अभियान शुरू करा दिया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम के साथ नगर थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया।
मलबे को तेजी से हटाने के लिए दो JCB मशीनों को लगाया गया है। मशीनों की मदद से मलबे को सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है, ताकि अगर उसके नीचे कोई व्यक्ति मौजूद हो तो उसे किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही रेस्क्यू टीम मलबे के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच कर रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल यह पता लगाना है कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति या बच्चा मौजूद तो नहीं है। इसी वजह से मलबा हटाने की प्रक्रिया को पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। रेस्क्यू टीम की कोशिश है कि मलबे का एक-एक हिस्सा हटाकर इलाके की पूरी तरह से तलाशी ली जाए।
रेस्क्यू अभियान की निगरानी अग्निशमन विभाग की अधिकारी साधना भारती और कटिहार अंचलाधिकारी सोनू भगत कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में JCB के जरिए मलबा हटाने और संभावित लोगों की तलाश का काम जारी है।
कटिहार अंचलाधिकारी सोनू भगत के मुताबिक, गिरा हुआ मकान काफी पुराना था। उनके अनुसार यह इमारत सरकारी जमीन पर बनी हुई थी। इमारत की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसके अचानक गिरने की घटना सामने आई। हालांकि, मकान गिरने के पीछे की पूरी परिस्थितियों और किसी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे तक मलबे का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हटाया जा चुका था। मलबा हटाने के साथ-साथ रेस्क्यू टीम लगातार यह जांच कर रही है कि कहीं उसके नीचे कोई व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है।
हादसे के बाद राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के दबे होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी की मौत की भी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, प्रशासन अभी रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त नहीं कर रहा है और पूरी तरह मलबा हटाए जाने तक तलाशी अभियान जारी रखा गया है।
स्थानीय लोगों के बीच भी हादसे को लेकर चिंता बनी हुई है। जिस जगह पर पुरानी इमारत गिरी है, उसके आसपास लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना से कुछ समय पहले बच्चों को मकान के आसपास खेलते हुए देखा गया था। यही वजह रही कि इमारत गिरने के बाद लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और प्रशासन को तत्काल सूचना दी।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने भी स्थिति को नियंत्रित किया। आसपास मौजूद लोगों को मलबे से दूर रखने की कोशिश की गई, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं अग्निशमन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया।

पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर इस तरह की घटनाएं प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती हैं। किसी भी जर्जर मकान के आसपास अगर लोगों की आवाजाही होती है, तो उसके गिरने की स्थिति में जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। कटिहार में हुई इस घटना के बाद भी फिलहाल सबसे जरूरी काम मलबे को पूरी तरह हटाकर यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति उसके नीचे फंसा न हो।
रेस्क्यू टीम की ओर से मलबा हटाने के दौरान हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। JCB जैसी भारी मशीनों के इस्तेमाल के बावजूद यह ध्यान रखा जा रहा है कि संभावित रूप से कोई व्यक्ति मलबे के नीचे मौजूद हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। इसी वजह से मलबे की तलाशी और हटाने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका है और बचा हुआ मलबा भी जल्द हटाने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद घटनास्थल की पूरी तरह से जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मकान की वास्तविक स्थिति क्या थी और सरकारी जमीन पर बनी इस पुरानी इमारत के संबंध में पहले से कोई कार्रवाई या शिकायत दर्ज थी या नहीं।
फिलहाल घटनास्थल पर प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौजूद हैं। दो JCB मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी संभावित व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
कटिहार के अडगड़ा चौक स्थित लहरिया फील्ड में हुए इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, जब तक पूरा मलबा हटाकर घटनास्थल की तलाशी पूरी नहीं हो जाती, तब तक रेस्क्यू अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब प्रशासन की कोशिश है कि मलबे को पूरी तरह हटाकर स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि तलाशी अभियान में किसी व्यक्ति के दबे होने की जानकारी सामने आती है तो तत्काल उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अगर पूरी तलाशी के बाद भी किसी व्यक्ति के मलबे में होने के संकेत नहीं मिलते हैं, तो राहत और बचाव अभियान को समाप्त किया जा सकता है।
फिलहाल कटिहार में पुरानी जर्जर इमारत के अचानक गिरने से मची अफरा-तफरी के बीच राहत की बात यही है कि अब तक किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और रेस्क्यू टीम पूरी सावधानी के साथ मलबा हटाने में जुटी हुई है और अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।










