राजस्व अमीन धरना: किशनगंज में बिहार राजस्व अमीन संघ के आह्वान पर सोमवार को जिले के राजस्व अमीनों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर टाउन हॉल परिसर में आयोजित इस प्रदर्शन में जिले के अलग-अलग अंचलों से बड़ी संख्या में राजस्व अमीन शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की।
धरने में शामिल राजस्व अमीनों का कहना था कि उनके संवर्ग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से सरकार और विभाग के स्तर पर लंबित हैं। संघ की ओर से कई बार इन मुद्दों को अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन कर्मचारियों के मुताबिक अब तक अपेक्षित स्तर पर समाधान नहीं हो पाया है।
राजस्व अमीनों का कहना है कि उनके काम की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सेवा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी को लेकर बिहार राजस्व अमीन संघ ने राज्यव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है। उसी कार्यक्रम के तहत किशनगंज में भी कर्मचारियों ने एकजुट होकर धरना दिया।

धरने के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व अमीन विभागीय कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड, मापी, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में अमीनों की जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़े कई मामलों पर लंबे समय से निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
जिला अमीन संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि 15 मई 2026 को बिहार राजस्व अमीन संघ के प्रतिनिधिमंडल और विभागीय अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में अमीन संवर्ग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी।
संघ के मुताबिक, बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि बैठक के बाद लंबित मामलों पर विभाग की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
लेकिन संघ का आरोप है कि बैठक के बाद कई महीने बीत चुके हैं और अभी तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अगर मांगों का समाधान नहीं होता है तो इससे कर्मचारियों में स्वाभाविक रूप से असंतोष बढ़ता है।

इसी नाराजगी को लेकर सोमवार को राजस्व अमीन अंबेडकर टाउन हॉल परिसर में एकत्र हुए और धरना देकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
राजस्व अमीन संघ की प्रमुख मांगों में सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति से जुड़े मामलों का समाधान, वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करना और लंबे समय से लंबित अन्य विभागीय मुद्दों पर निर्णय लेना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर लगातार विभागीय स्तर पर बातचीत की जाती रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें केवल कर्मचारियों के हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि बेहतर सेवा व्यवस्था से भी संबंधित हैं। उनका कहना है कि यदि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाता है तो वे भी अपने विभागीय दायित्वों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
धरने में शामिल अमीनों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को जल्द निपटाया जाए। संघ का कहना है कि कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

राजस्व अमीनों ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा धरना उनके आंदोलन का एक चरण है। यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर जल्द पहल नहीं की जाती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, अगले चरण के आंदोलन को लेकर अंतिम निर्णय संघ की ओर से सरकार और विभाग की प्रतिक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
किशनगंज में आयोजित इस धरने में जिले के विभिन्न अंचलों से आए राजस्व अमीनों ने अपनी एकजुटता दिखाई। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की उम्मीद है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 15 मई की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब विभाग को आगे बढ़कर निर्णय लेना चाहिए। कर्मचारियों के मुताबिक, केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि मांगों को लेकर ठोस आदेश और कार्रवाई की जरूरत है।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक कदम उठाया जाता है तो आंदोलन की स्थिति टल सकती है।
वहीं, अगर सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई पहल नहीं होती है तो बिहार राजस्व अमीन संघ आंदोलन को राज्य स्तर पर और व्यापक करने पर विचार कर सकता है। संघ ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
किशनगंज में हुए इस धरने के जरिए राजस्व अमीनों ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को सामने रखा है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार और विभाग की अगली कार्रवाई पर है। फिलहाल संघ की ओर से मांग की गई है कि सेवा शर्तों, पदोन्नति, वेतन विसंगतियों और अन्य लंबित मामलों पर जल्द निर्णय लिया जाए।
राजस्व अमीनों का कहना है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए लंबे समय से विभागीय समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किशनगंज में आयोजित एक दिवसीय धरना फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन कर्मचारियों की मांगें और उनका असंतोष बरकरार है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और संघ के अगले निर्णय से यह तय होगा कि यह आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।










