दरअसल, यह पूरा मामला वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम मरमला चौर इलाके में आरोपी राजनंदन कुमार की तलाश में पहुंची थी। पुलिस को उसकी गतिविधियों और मौजूदगी को लेकर जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने पुलिस और एसटीएफ की टीम को अपने सामने देखा, उसने खुद को घिरता हुआ महसूस किया और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई।

इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राय के बेटे राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस का दावा है कि राज नंदन कुमार के खिलाफ वैशाली और समस्तीपुर जिलों में लूट, आर्म्स एक्ट समेत करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों की प्रकृति और आरोपी की कथित संलिप्तता को देखते हुए पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। हालांकि, अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि कई लंबित मामलों में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी समस्तीपुर का चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड है। पुलिस के अनुसार, राज नंदन कुमार इस वारदात का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। इस लूटकांड में अपराधियों ने करीब 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट ली थी। इतनी बड़ी रकम के आभूषणों की लूट ने उस समय इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह घटना काफी चिंता का विषय बनी थी। क्योंकि किसी ज्वेलरी शोरूम या दुकान में इतनी बड़ी लूट की वारदात केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे व्यापारियों और आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना भी पैदा होती है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस लूटकांड को अंजाम देने में कितने लोग शामिल थे, वारदात की योजना किसने बनाई थी और लूटी गई ज्वेलरी आखिर कहां पहुंचाई गई। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि लूट के बाद आरोपी ने किन लोगों की मदद ली और क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय था।
इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू साल 2025 से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, राज नंदन कुमार इसी ज्वेलरी लूटकांड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान समस्तीपुर कोर्ट परिसर से फरार हो गया था। कोर्ट परिसर से किसी आरोपी का फरार होना अपने आप में गंभीर मामला माना जाता है। इस घटना के बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी।

अब वैशाली में हुई मुठभेड़ के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही जांच के कई नए पहलू भी सामने आ सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कोर्ट से फरार होने के बाद आरोपी कहां-कहां छिपा रहा और इस दौरान उसने किन आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया।
सवाल यह भी है कि क्या आरोपी अकेले ही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था या उसके साथ कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था? क्या समस्तीपुर के अनिल ज्वेलर्स लूटकांड में लूटी गई पूरी ज्वेलरी अभी भी गिरोह के सदस्यों के पास मौजूद है? और क्या वैशाली तथा समस्तीपुर में दर्ज अन्य आपराधिक मामलों में भी उसकी भूमिका सामने आएगी?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ और आगे होने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल पुलिस घायल आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। साथ ही लूटकांड से जुड़े अन्य संदिग्धों और संभावित सहयोगियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और मुठभेड़ के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
इस कार्रवाई के बाद वैशाली और समस्तीपुर पुलिस के लिए भी पुराने मामलों की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। खासकर करीब 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के मामले में लूटी गई संपत्ति की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस ने आरोपी को कई आपराधिक मामलों में संलिप्त बताया है। इन मामलों में उसकी भूमिका और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
कुल मिलाकर, वैशाली के मरमला चौर में हुई यह मुठभेड़ बिहार में अपराध नियंत्रण और पुराने लूटकांडों की जांच के लिहाज से अहम मानी जा रही है। 17 मामलों में नाम सामने आने, 2 करोड़ रुपये के ज्वेलरी लूटकांड में मुख्य आरोपी बताए जाने और समस्तीपुर कोर्ट परिसर से फरार होने के बाद अब राज नंदन कुमार की गिरफ्तारी ने पुलिस के सामने कई अहम सुराग खोलने की संभावना पैदा कर दी है।
अब देखना होगा कि पुलिस की पूछताछ में इस लूटकांड के कितने राज खुलते हैं, लूटी गई ज्वेलरी बरामद हो पाती है या नहीं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है।










