किशनगंज शराब विनष्टीकरण अभियान:

बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में किशनगंज शराब विनष्टीकरण अभियान के तहत जिले में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें 6,229.6 लीटर से अधिक देशी और विदेशी शराब को नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद बहादुरगंज थाना परिसर में की गई, जहां सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे।
यह पूरा विनष्टीकरण अभियान उत्पाद विभाग, जिला पुलिस प्रशासन और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की संयुक्त देखरेख में संपन्न हुआ। अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त की गई शराब को जेसीबी मशीन की सहायता से नष्ट किया गया। इस दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो।
जानकारी के अनुसार, यह शराब जिले के विभिन्न थानों में बीते कई महीनों के दौरान चलाए गए छापेमारी अभियानों में जब्त की गई थी। इन थानों में बहादुरगंज, पाठामारी, गलगलिया, टेढ़ागाछ, गंधरवडांगा, दिघलबैंक, बीबीगंज और जियापोखर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा लगातार अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई कुल शराब की मात्रा 6,229.6 लीटर थी, जिसमें देशी शराब के साथ-साथ विदेशी ब्रांड की शराब भी शामिल थी। यह कार्रवाई न केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा थी, बल्कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है।

किशनगंज शराब विनष्टीकरण अभियान के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की नीति के तहत अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखा गया था। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरे विनष्टीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि नष्ट की गई शराब का पूरा रिकॉर्ड विधिवत रूप से दर्ज किया जाए।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त शराब को नष्ट करने की यह प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद ही इस प्रकार की बड़ी मात्रा में शराब के विनष्टीकरण की कार्रवाई संभव हो पाती है। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया है।
इस मौके पर जिला पुलिस और उत्पाद विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर इस प्रक्रिया की निगरानी की और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी, ताकि अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या उत्पाद विभाग को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग के बिना इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में शराब तस्करों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत न केवल शराब की बरामदगी की जा रही है, बल्कि तस्करी नेटवर्क को भी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
किशनगंज शराब विनष्टीकरण अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकार शराबबंदी कानून को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लगातार हो रही कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश देती है। शराबबंदी कानून का उद्देश्य समाज में नशे की प्रवृत्ति को कम करना और परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित बनाना है।
अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के अभियान तेज किए जाएंगे और जिले को पूरी तरह अवैध शराब मुक्त बनाने का प्रयास जारी रहेगा। इस दिशा में पुलिस, उत्पाद विभाग और प्रशासन मिलकर लगातार काम कर रहे हैं।
निष्कर्ष
किशनगंज शराब विनष्टीकरण अभियान के तहत की गई यह बड़ी कार्रवाई राज्य में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट उदाहरण है। 6,229 लीटर से अधिक शराब का विनष्टीकरण यह दर्शाता है कि प्रशासन अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।










