विधायक के घर छापेमारी: मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बेलसंड से विधायक अमित कुमार रानू के आवास पर छापेमारी की। पुलिस टीम रविवार सुबह करीब 6 बजे विधायक के घर पहुंची और लगभग चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई जमीन से जुड़े विवाद और 20 अगस्त को हुई कथित तोड़फोड़ की घटना की जांच के सिलसिले में की गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन की बाउंड्री और निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचाया था। मामले की जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह की कथित संलिप्तता सामने आने की बात पुलिस ने कही है।

चार घंटे तक चली पुलिस की कार्रवाई
रविवार सुबह पुलिस की टीम विधायक अमित कुमार रानू के आवास पर पहुंची। इसके बाद घर और परिसर में करीब चार घंटे तक तलाशी ली गई। पुलिस ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात जब्त किए।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कई स्टांप पेपर, जमीन से संबंधित दस्तावेज और कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े कागजात मिले हैं। जांच टीम इन दस्तावेजों को जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों से जोड़कर देख रही है।
मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह की कथित भूमिका सामने आई है। इसके अलावा विधायक अमित कुमार रानू की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से तय करने से पहले सभी साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जाएगी।
जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को जमीन की बाउंड्री और निर्माण को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी। इसके बाद 21 अगस्त को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर इसी प्रकरण से जुड़े 12 और मामले सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस अब इन सभी मामलों को एक-दूसरे से जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जमीन विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और निर्माण व बाउंड्री को नुकसान पहुंचाने की घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस के पहुंचने से पहले भाई हुआ फरार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब टीम विधायक के आवास पर तलाशी के लिए पहुंची, उससे पहले ही विधायक के भाई सोनू सिंह वहां से निकल चुके थे। पुलिस अब उनकी तलाश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सोनू सिंह से पूछताछ के बाद मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है और आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने इस मामले में नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। जांच का दायरा केवल जमीन और निर्माण विवाद तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जाएगी।
बैंक खातों और संपत्तियों की होगी जांच
SSP के अनुसार, मामले में शामिल नामजद और अज्ञात आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि विवाद से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ है या नहीं।
इसके साथ ही आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति जब्ती से संबंधित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU को भी इसकी जानकारी देने की बात सामने आई है। जरूरत पड़ने पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम जांच में शामिल होकर आर्थिक पहलुओं की पड़ताल में पुलिस का सहयोग कर सकती है।
इससे जांच का दायरा और बढ़ सकता है और जमीन विवाद से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की भी जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस और विधायक के बीच बहस का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विधायक के आवास पर तलाशी के दौरान विधायक अमित कुमार रानू और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस भी हुई।
सूत्रों का दावा है कि विधायक ने तलाशी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से कहा कि अगर उनके इलाके में कहीं अपराध होता है तो वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और विधायक पक्ष का विस्तृत आधिकारिक पक्ष अलग-अलग सामने आ सकता है। फिलहाल पुलिस की ओर से जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी भूमिका
पुलिस का कहना है कि जमीन विवाद, कथित तोड़फोड़, धमकी और इससे जुड़े अन्य मामलों के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल विधायक के घर हुई छापेमारी और उनके भाई की तलाश ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब जमीन विवाद से जुड़े सभी मामलों को खंगालने के साथ-साथ आर्थिक लेन-देन, संपत्ति और कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि जमीन विवाद की पूरी कहानी क्या है, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और मामले में विधायक तथा उनके भाई की वास्तविक भूमिका क्या है।











