किशनगंज में कांग्रेस सांसद डॉ. जावेद आजाद ने सोमवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्था और बिहार से हो रहे पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को उठाते हुए सरकार की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

अपने संबोधन में सांसद ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कहा कि वर्ष 2023 में इसे लाया तो गया, लेकिन इसे प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस बिल को सही तरीके से लागू किया जाता, तो संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में चुनाव होने के बावजूद महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया, जिससे महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका।

डॉ. आजाद ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में इसके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए। उनके अनुसार, यह स्थिति महिलाओं के सशक्तिकरण के दावों पर सवाल खड़े करती है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोलते हुए सांसद ने किशनगंज की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि जिले की बड़ी आबादी के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या बेहद कम है। जहां सैकड़ों चिकित्सकों की आवश्यकता है, वहां सीमित संख्या में ही डॉक्टर कार्यरत हैं। इसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है और मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पा रहा।
इसके साथ ही उन्होंने बिहार से हो रहे पलायन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बड़ी संख्या में लोग राज्य छोड़कर अन्य राज्यों में काम करने के लिए मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी चिंताजनक है।

सांसद ने केंद्र और राज्य सरकारों से इन सभी मुद्दों पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
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