दिघलबैंक प्रखंड में एक 17 वर्षीय किशोरी के बाल विवाह की कोशिश को समय रहते रोक लिया गया। इस कार्रवाई में वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन (181), चाइल्डलाइन और जनता एक्सप्रेस वेलफेयर फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई।

सूचना सबसे पहले जनता एक्सप्रेस वेलफेयर फाउंडेशन को मिली, जिसके बाद तत्काल 181 महिला हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही वन स्टॉप सेंटर सक्रिय हुआ और स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।

इसके बाद संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए बाल विवाह की प्रक्रिया को रोक दिया। टीम ने मौके पर मौजूद परिजनों से बातचीत कर उन्हें बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।
कार्रवाई के दौरान बच्ची के माता-पिता से लिखित शपथ पत्र भी भरवाया गया, जिसमें उन्होंने यह आश्वासन दिया कि उनकी बेटी का विवाह कानूनी उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा।

इस अभियान में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रोशनी परवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं डॉ. आमिर मिनहाज, संयुक्त सचिव, जनता एक्सप्रेस वेलफेयर फाउंडेशन, इफत नाज़, चाइल्डलाइन टीम, एमटीएस सुबोध कुमार, पुलिस बल और स्थानीय गणमान्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे।
पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर सूचना और प्रशासनिक व सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
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