बेखौफ जुबां बे बाक अंदाज

Home » लेटेस्ट न्यूज़ » आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान

आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान

Share Now :

WhatsApp

अररिया जिले में पंचायत आम चुनाव 2026 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने आरक्षण रोस्टर तैयार करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं और समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक सूचना भवन में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला जन संपर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने की।

आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान
आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान

अधिकारियों ने जानकारी दी कि बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रत्येक दस वर्षों में पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर तैयार करना अनिवार्य होता है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 2015 में प्रपत्र-1 जारी किया गया था, और अब 2026 के चुनाव के लिए उसी आधार पर नया प्रपत्र तैयार किया जा रहा है। इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संपन्न किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्य में तेजी आएगी।

प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रपत्र-1 का प्रारूप प्रकाशन 4 मई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 18 मई 2026 तक आम नागरिक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण 22 मई तक किया जाएगा, जबकि अपील से जुड़े मामलों का निपटारा 29 मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान
आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, प्रपत्र-1 के लिए तारीखों का ऐलान

इसके बाद अंतिम प्रपत्र-1 का प्रकाशन 5 जून 2026 को किया जाएगा और 9 जून 2026 को इसे जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रारूप प्रकाशन के 14 दिनों के भीतर ही आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी, इसके बाद किसी भी प्रकार के दावे या आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही केवल जनसंख्या से संबंधित आपत्तियां ही मान्य होंगी।

प्रशासनिक व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होंगे। वहीं, जिला परिषद सदस्य पद के मामलों में अनुमंडल पदाधिकारी जांच अधिकारी और जिला पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी की भूमिका निभाएंगे। अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पंचायत चुनाव 2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

12 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Other News